I believe in the imagination. What I cannot see is infinitely more important than what I can see.

Tuesday, February 3, 2009

बापू और हम

हम मरने के बाद स्वर्ग में पहुंचे,
बापू मिले बोले बेटा !
देश में तब से अब तक क्या क्रांति आई है?
हमने कहा बापू और कुछ नहीं,
बस जनता हे राम से हराम पर उतर आई है !!!
(गौरव)

5 comments:

विवेक सिंह said...

मंदी में सब बिक जाएगा तो बापू भी कहाँ बचेंगे !

Nirmla Kapila said...

बहुत खूब्

Darpan Sah said...

gagar main sagar.....

....good one.

Shamikh Faraz said...

bahut khub kaha hai aapne.
kabhi waqt mileto mere blog par ayen.
www.sakaamzindadili.blogspot.com

गिरीश बिल्लोरे "मुकुल" said...

nice

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