I believe in the imagination. What I cannot see is infinitely more important than what I can see.

Wednesday, May 4, 2011

वो पल कितने सुन्दर लगते है॥




जब भी मुड कर देखो अतीत,

वो पल कितने सुन्दर लगते है॥


वो प्यारी बातें, वो लम्बी रातें,

यादों के बिछोने पे सोना,

मिलने की तड़प का होना,

वो भावों को शब्दों में पिरोना,

अब भी वो शब्द दिल में उतरते हैं,

जब भी मुड कर देखो अतीत,
वो पल कितने सुन्दर लगते है॥



वो चाँद को निहारना,

उसमे किसी की तस्वीर ढूँढना,

वो टूटते तारे को देख,

किसी से मिलने की आस जताना,

आज भी चाँद तारों को देख कर,

क्यों चेहरे पे मुस्कान खिल उठती है ,

जब भी मुड कर देखो अतीत,
वो पल कितने सुन्दर लगते है॥


वो अपने आप से बातें,

वो सालों के इंतजार के बाद मुलाकातें,

वो छत पे टहलना,

वो गाने सुन कर बहलना,

यु अपने आप को उनमे महसूस कर,

वो गुनगुना वो बहकना,

जब भी मुड कर देखो अतीत,
वो पल कितने सुन्दर लगते है॥


कभी कभी यु लगता है ,

वो वक़्त, वो रातें, वो बातें,

वापिस मिल जाती तो कितना अच्छा होता,

वो अकेलेपन की तन्हाई,

वो करवट, वो रजाई,

फिर से मिल जाते, तो कितना अच्छा होता,

पर सब यु ही मिल सकता दुबारा

तो यादें भला कैसे बन पाती?


इसीलिए तो ॥

जब भी मुड कर देखो अतीत,
वो पल कितने सुन्दर लगते है॥


=======================================

Jab bhi mud ke dekho ateet.

wo pal kitne sundar lagte hai


wo pyari baatein,

wo lambi raatein

yaado ke bichone pe sona

milne ki tadap ka hona.

wo bhavo ko shabdo me pirona.

ab bhi wo shabd dil me utarte hai

jab bhi mud ke dekho ateet

wo pal kitne sundar lagte hai


wo chand ko niharana

usme kisi ki tasvir doondna

wo tootate tare ko dekh

kisi se milne ki aas jatana

aaj bhi chand taro ko dekh kar

kyo chehare pe muskan khil uthati hai

jab bhi mud ke dekho ateet

wo pal kitne sundar lagte hai


wo apne aap se baatein

wo salo ke intzar ke baad mulakate

wo chhat pe tehlna

wo gane sun kar behlana..

yu apne aap ko unme masus karke

wo gunguna wo behkna

jab bhi mud ke dekho ateet

wo pal kitne sundar lagte hai


kabhi kabhi yu lagta hai wo waqt .

wo ratein.. wo baatein..

vapis mil jati to kitna achcha hota

wo akelpan ki tanhai wo karwat wo rajai

phir se mil jate to kitna achcha hota

per sab yu mil sakta dubara

to yaadein bhala kaise ban pati


isiliye to ..

jab bhi mud ke dekho ateet.

wo pal kitne sundar lagte hai .. :)

9 comments:

AlbelaKhatri.com said...

बहुत भाव प्रवण रचना..........

सुन्दर प्रतीकों के माध्यम से उत्तम शब्दों द्वारा उर्जस्वित अभिव्यक्ति...........

Dr Varsha Singh said...

जब भी मुड कर देखो अतीत,
वो पल कितने सुन्दर लगते है॥

Very beautiful poem.....
Very nice...Very Touching...

Your most welcome in my blog.

Dr.Bhawna said...

कभी कभी यु लगता है ,

वो वक़्त, वो रातें, वो बातें,

वापिस मिल जाती तो कितना अच्छा होता,

वो अकेलेपन की तन्हाई,

वो करवट, वो रजाई,

फिर से मिल जाते, तो कितना अच्छा होता,

पर सब यु ही मिल सकता दुबारा

तो यादें भला कैसे बन पाती?


bahut khub

Anonymous said...

Aw, this was a really nice post. In idea I would like to put in writing like this additionally - taking time and actual effort to make a very good article… but what can I say… I procrastinate alot and by no means seem to get something done.

Anonymous said...

bhahut sunder. bhawon ko sabdo main pirona..

संगम "कर्मयोगी" said...

bahut khub...kuch pal sundar hi hote hain...nayi subah ki tarah...!

sawan said...

i came here to see if u r back!!! wer are u hiding?

संजय भास्कर said...

वाह बेहद खूबसूरत शब्दों की अभिव्यक्ति ....

संजय भास्कर said...

आभार इस रचना के लिए...!!

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